Thursday, 22 August 2019

जानिए क्या है शिया सुन्नी फसाद की वजह!!

दोस्तों आप सबको पता है मुस्लिम धर्म मैं दो विचारधाराएं प्रमुख है पहली शिया एवं सुन्नी और आये दिन हम इन दो विचारधाराओ के बीच फसाद को सुनते रहते है जिसमे सऊदी अरब और ईरान का फसाद प्रमुख है क्यूंकि सऊदी मैं सुन्नी बहुल एवं ईरान मैं शिया बहुल रहते हैं !

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सबसे पहले जान लेते है दोनों मैं मतभेद क्या और क्यों हैं !
सुन्नी बहुल वाला सऊदी अरब इस्लाम का जन्म स्थल है और दुनिया का अग्रिम तेल उत्पादक है! पैगम्बर मुह्हमद की मृत्यु के बाद यह विवाद शुरू हो गया की मुसलमानो का नेतृत्व कोण करेगा! मुस्लिम आबादी मैं सुन्नी समुदाय बहुसंख्यक है जोकि 85% के करीब है।

सुन्नी उन सभी पेगम्बरों को मानते है जिनका जिक्र करण शरीफ मैं किया है  और यह भी मानते है की मुहम्मद अंतिम पैगम्बर थे। उनके बाद हुए सभी मुस्लिम नेताओ को सांसारिक शक्तियों क रूप मैं द्देखा जाता है।

इनके फसाद  की असली वजह थी मुहम्मद की मृत्यु के बाद नेतृत्व की। मुहम्मद की मृत्यु के बाद उनके चार वारिस हुए  जिनको खलीफा के रूप मैं जानते है।

१. अबू बकर
२. उमर इब्न अल -ख़िताब
३. उथमान इब्न खित्तान
४. अली इब्न अबी तालिब

मुहम्मद की मृत्यु के बाद अबू बकर उनके उत्तराधिकारी बने जिनको सुन्नियो ने मन लिया जबकि शिया को मैंने वालो ने इसका विरोध किया।  शियाओं का  मानना  था की असली उत्तराधिकारी मुहम्मद के दामाद हज़रत अली हैं जो की बाद चौथे खलीफा बने।  सुन्नी समुदाय चारो खलीफाओं को मंटा है जबकि शिया सिर्फ हज़रत अली को ही अपना खलीफा मानते और यही फसाद की झाड़ है।


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